
स्वर उसकी बाहों में बेहोश हो गया और ये एहसास होते ही मिली ने उसे जगाते हुए परेशानी से कहा, "मिस्टर शेखावत, होश में आइए। आई थिंक आपको पहले रूम में चलना चाहिए, आपकी तबियत ठीक नहीं।"
ये कहकर वो बड़ी मुश्किल से अपना फोन उठाती है और स्वर को सहारा देते हुए हाल के दूसरे साइड बने गेस्ट रूम में ले जाती है। क्योंकि स्वर इतना भारी था, कि वो उसे टिकाकर ऊपर के कमरे तक नहीं ले जा सकती थी।"











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