
वर्ष ने जैसे ही मायशा के कमरे का दरवाज़ा बंद किया, कमरे में एक अजीब-सी खामोशी फैल गई।
मायशा कुछ पल तक उसकी तरफ पीठ किए खड़ी रही। फिर धीरे-धीरे मुड़ी। उसकी ठंडी, बर्फ जैसी आँखें सीधे वर्ष पर आकर रुकीं।


वर्ष ने जैसे ही मायशा के कमरे का दरवाज़ा बंद किया, कमरे में एक अजीब-सी खामोशी फैल गई।
मायशा कुछ पल तक उसकी तरफ पीठ किए खड़ी रही। फिर धीरे-धीरे मुड़ी। उसकी ठंडी, बर्फ जैसी आँखें सीधे वर्ष पर आकर रुकीं।

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