
रात गहरा चुकी थी।
पूरे राठौर मेंशन में सन्नाटा पसरा हुआ था। शादी की तैयारियों की हलचल अब थम चुकी थी। लंबे-लंबे गलियारों में बस हल्की पीली रोशनी जल रही थी, जबकि हवेली के ज्यादातर लोग अपने-अपने कमरों में जा चुके थे।


रात गहरा चुकी थी।
पूरे राठौर मेंशन में सन्नाटा पसरा हुआ था। शादी की तैयारियों की हलचल अब थम चुकी थी। लंबे-लंबे गलियारों में बस हल्की पीली रोशनी जल रही थी, जबकि हवेली के ज्यादातर लोग अपने-अपने कमरों में जा चुके थे।

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