
कमरे में भारी खामोशी पसरी हुई थी।
डॉक्टर के जाने के बाद से कशिश एक ही जगह बैठी थी। उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं और हाथ अब भी कांप रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे उसकी पूरी दुनिया अचानक उलट गई हो।


कमरे में भारी खामोशी पसरी हुई थी।
डॉक्टर के जाने के बाद से कशिश एक ही जगह बैठी थी। उसकी आंखें लाल हो चुकी थीं और हाथ अब भी कांप रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे उसकी पूरी दुनिया अचानक उलट गई हो।

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