
अगली सुबह,,
अब आरवी और विक्रम गार्डन में मौजूद थे। उनका जेट रेडी था और बाकी घर वाले उन्हें सी ऑफ करने के लिए वहां पर खड़े थे। उसके बाद सभी से मिलकर विक्रम और आरवि अपने प्राइवेट जेट में बैठ गए और वहां से सभी को टाटा बाय-बाय करते हुए उनके जेट ने पेरिस के लिए उड़ान भर दी।।










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