
3 दिन बाद,,
इन तीन दिनों में काफी कुछ बदल गया था जैसे तारा कॉलेज नहीं गई और तरक्ष ऑफिस से घर नहीं आया नहीं उसकी सिद्धांत से कोई बात हुई। वही सिद्धांत काफी कोशिश कर रहा था कि वह पता लगा सके कि आखिर उसे रात ठाकुर हवेली में कौन आया था लेकिन अभी तक उसे भी कुछ खास पता नहीं चला और इसी तरह ख़ामोशी से तीन दिन बीत गए लेकिन रीमा जी के मन में अब हलचल मच गई थी।









Write a comment ...