
नियारा ने जैसे ही डोर बेल की आवाज सुनी, वो चौंक गई। उसने आसपास देखा। फिलहाल हाल में कोई भी मौजूद नहीं था, जो देखकर उसने खुद से कहा, "भला इतनी रात को कौन आया होगा? कहीं ऐसा तो नहीं कि मेरे कान बजे हो।" ये बोलकर नियारा ने अपना सिर झटका और आगे बोली, "हां, यही होगा। भला इतनी रात को कौन ही आएगा?"
ये बोलकर वो अपना पानी का जग लेकर किचन से हाल में आई। वो अपने कमरे में जाने के लिए मुड़ी, ये देखकर तारा ने राहत की सांस ली। वो धीरे से खुद से बोली, "हे भगवान! अच्छा हुआ कि इस लड़की ने डोर बेल नहीं सुनी। बस ये जल्दी से अपने कमरे में चली जाए।" ये कहते हुए तारा ने अपनी फिंगर को क्रॉस किया।










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