
उसकी चाल लड़खड़ा रही थी और हालात भी कुछ ठीक नजर नहीं आ रही थी उसे देखकर कोई भी बता सकता था कि वो अभी किसी शराब खाने से आ रहा है तभी नीलीमा ने उसे देखते हुए नाक सिकोड़ कर कहा, "ओह भईया, तो क्या तुम कल रात फिर से शराब के ठेके पर बीता कर आ रहे हो ??"
नीलिमा की बात सुनकर उसका भाई निरंजन चेहरे पर मक्कारी भरी मुस्कान लिए हुए बोला, "अरे नहीं नहीं बहन मैं पूरी रात ठेके पर नहीं था! मैं तो कल दोस्तों के साथ कसीनो में गया था, और वहां मैंने सट्टे में 3000 रुपए भी जीते।"










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