
आरांश आरजू के बगल अगर बैठा और उसके चेहरे को देखते हुए गहराई से बोला___ "क्या तुम्हें अब मेरा साथ अच्छा नहीं लगता जो तुम यहां अकेले-अकेले बैठकर मुस्कुरा रही हो ? यहां तक कि तुमने मेरी ओर देखा तक नहीं और ना ही मेरे आने से तुमने कुछ रिएक्ट किया ? क्या अब तुम मेरे टच को भी भूल गई हो... जाना ? या अब तुम्हें मेरे आने जाने से फर्क नहीं पड़ता ?
आरांश का इतना कहना था कि आरजू ने तुरंत इसकी होठों पर उंगली रखती और नाराजगी से बोली___ "आप हर वक्त ऐसी नेगेटिव बातें ही बातें क्यूं करते हैं ?









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