
इमोशन के साथ मैंने नहीं तुमने खेला है फुग्गी.... बहुत तड़पाया है तुमने मुझे। हर एक लम्हा.... तरसा हूं मैं तुम्हारे लिए। बचपन से लेकर यंग एज तक मैंने सिर्फ तुम्हें ही जहन में बैठाया है, बिना तुमसे मिले.... बिना तुम्हें देखे.... बिना तुम्हें जाने....., सिर्फ इसी बिलीफ के साथ की एक दिन तुम्हें मेरा होना है। लेकिन जब तुम मुझे मिली तब तुम मेरी सोच से बहुत अलग निकली.... मैंने तुमसे शादी तो की लेकिन तुम मेरे लिए मेरी बीवी से ज्यादा एक जिम्मेदारी बन गई। लेकिन फिर भी मुझे यकीन था कि एक न एक दिन मैं तुम्हें ठीक कर पाऊंगा..... और तब ही मैं तुम्हारे करीब आऊंगा। लेकिन तब भी एक पल के लिए भी मेरे दिल में तुम्हारे लिए प्यार कम नहीं हुआ।










Write a comment ...